- जन्म
- 1946, मिरज
- शिक्षा
- बी.कॉम., बीएमसीसी, पुणे (1966)
- भूमिका
- परिवार के प्रमुख
मिरज के राजासाहेब
हिज़ हाइनेस श्रीमंत गंगाधरराव माधवराव उर्फ़ बालासाहेब पटवर्धन महाराज
उद्योगपति · ट्रस्टी
हिज़ हाइनेस का जन्म 1946 में मिरज में, रियासत के अंतिम वर्षों में हुआ, और वे अपनी पीढ़ी के अग्रणी उद्योगपतियों में से एक बने।
उद्योग
- 1967: फ़ाइन पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना, जो भारत के कॉरुगेटेड बॉक्स उद्योग की अग्रणी कंपनी थी।
- 1971: मिरज ग्लास लिमिटेड की स्थापना — क्षेत्र का पहला बड़ा काँच कारख़ाना, जो आगे चलकर एशिया के सबसे बड़े काँच कारख़ानों में से एक बना।
- 1972–1986: मिरज इलेक्ट्रिक सप्लाई लिमिटेड के अध्यक्ष और 1986 तक प्रबंध निदेशक; मिरज क्षेत्र के विद्युत तंत्र का आधुनिकीकरण।
- 1990 से: पुणे में काँच, औद्योगिक सहायक इकाइयों, ऑटोमोटिव पुर्ज़ों और सूचना प्रौद्योगिकी में उद्यम खड़े किए।
- 2000: पुणे में सूर्य इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना, जो आज इंडिया को-इनक्यूबेशन सेंटर है — इनक्यूबेशन की अवधारणा के प्रचलित होने से बहुत पहले स्टार्ट-अप्स को सहयोग।
- आज: यू.जी. पटवर्धन सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड और माधवराजे एडवाइज़र्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष एमेरिटस।
पारिवारिक विरासत
उन्होंने अपने परदादा हिज़ हाइनेस श्रीमंत सर गंगाधरराव बालासाहेब महाराज द्वारा स्थापित मशीन-टूल्स कार्यशाला गणेश कलागृह को आगे चलाया, जब तक कि 2005 में उसका पटवर्धन इंजीनियरिंग में विलय नहीं हो गया।
मिरज की सेवा
1999 में वे देवस्थान धर्मादाय शिक्षण ट्रस्ट के ट्रस्टी बने — यह दायित्व उन्हें परदादा से विरासत में मिला। 2010 में उन्होंने मिरज ट्रस्ट की स्थापना की, जो वार्षिक गणेश शोभायात्रा, शतरंज प्रतियोगिता और पूर्व मिरज रियासत भर में सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोड़ता है।